कालियर-मनुबांस-सोहलपुर मार्ग पर मौत बनकर दौड़ रहे खनन वाहन: तेज रफ्तार खाली ट्रैक्टर-ट्राली नाले में लटकी, मची चीख-पुकार, बाल-बाल बचे मासूम और बुजुर्ग

भगवानपुर :कलियर-मनुबांस-सोहलपुर मार्ग पर अवैध और अनियंत्रित खनन के वाहनों का आतंक अब क्षेत्रवासियों के लिए नासूर बन चुका है। इस मार्ग से रोजाना खनन सामग्री से भरे ओवरलोड डंपर और ट्रैक्टर-ट्राॅलियां बेखौफ होकर गुजरती हैं, जिनकी रफ्तार लोगों की जान पर भारी पड़ रही है। मंगलवार को इस मार्ग पर एक ऐसा रूह कंपा देने वाला हादसा हुआ, जिसने प्रशासन और खनन माफियाओं की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।मंगलवार को एक खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली बेहद तेज रफ्तार में मनुबांस गांव से गुजर रही थी। इसी दौरान गांव के भीतर अचानक सामने से चौदह साल का एक किशोर साइकिल लेकर आ गया। ट्रैक्टर-ट्रॉली की रफ्तार इतनी खतरनाक थी कि किशोर को कुचलने से बचाने के लिए चालक ने अचानक जोरदार ब्रेक लगा दिया। ब्रेक लगते ही ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सीधा सामने बने नाले को पार करते हुए खेत में जाकर लटक गया। इस खौफनाक मंजर को देखकर मौके पर मौजूद लोगों के रोंगटे खड़े हो गए और चीख-पुकार मच गई।हादसा यहीं नहीं थमता, अगर ट्रैक्टर कुछ इंच और आगे बढ़ता तो एक बड़ी तबाही मच सकती थी। जिस जगह पर ट्रैक्टर खेत में लटका, उसके ठीक पास ही एक खेत में एक बुजुर्ग महिला, एक बुजुर्ग व्यक्ति और दो मासूम बच्चे लहसुन की रोपाई का काम कर रहे थे। गनीमत यह रही कि समय रहते ट्रैक्टर नाले के पास ही अटक गया, वरना खेत में काम कर रहे वे बेकसूर लोग भी इस भयानक हादसे का शिकार हो जाते और बड़ा जानी नुकसान हो सकता था।कलियर-मनुबांस-सोहलपुर मार्ग पर बेलगाम दौड़ रहे खनन वाहनों के कारण आए दिन इस तरह के जानलेवा हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभाग और प्रशासन गहरी नींद में सोया हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इन ओवरलोड और तेज रफ्तार डंपरों व ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर जल्द शिकंजा नहीं कसा गया, तो क्षेत्र में कभी भी कोई बड़ा खून-खराबा या जनहानि हो सकती है। अब देखना यह होगा कि इस रूह कंपा देने वाली घटना के बाद प्रशासन की आंखें खुलती हैं या फिर मासूमों की जिंदगी दांव पर यूं ही लगती रहेगी।

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