रुड़की : मरगुबपुर से लंढौरा की ओर जाने वाला मुख्य मार्ग इन दिनों राहगीरों और ग्रामीणों के लिए गंभीर परेशानी का सबब बना हुआ है। मरगुबपुर, रतनपुर, मुस्तफाबाद, नगला खूर्द, रनसुरा और जौरासी जबरदस्तपुर होते हुए लंढौरा को जोड़ने वाले इस मार्ग पर सरकार के गड्ढा मुक्त सड़कों के दावे खोखले साबित हो रहे हैं। एक तरफ जहां सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की बात करती है, वहीं धरातल पर ठेकेदारों की लापरवाही और मनमानी साफ नजर आ रही है।

स्थानीय ग्रामीणों और इस मार्ग से गुजरने वाले राहगीरों का आरोप है कि ठेकेदार द्वारा सड़क पर डामरीकरण का काम तो कराया गया, लेकिन वह महज खानापूर्ति बनकर रह गया। सड़क के कुछ हिस्सों में गड्ढों पर पैचवर्क किया गया, तो वहीं कई जगहों पर गुणवत्ता को ताक पर रखकर ऐसा काम किया गया जिससे कुछ ही दिनों में पोल खुल गई। ग्रामीणों का कहना है कि यह काम सिर्फ नाममात्र का और औपचारिकता निभाने के लिए किया गया है।

इस खस्ताहाल सड़क के कारण रोजाना सफर करने वाले नौकरीपेशा लोगों और स्कूली बच्चों को भारी दुश्वारियों का सामना करना पड़ रहा है। बारिश के मौसम में इन गड्ढों में पानी भर जाता है, जिससे तेज रफ्तार वाहनों के गुजरने से राहगीरों और स्कूली बच्चों के कपड़ों पर गंदे पानी के छींटे पड़ते हैं। इसके अलावा, वाहन चालकों के लिए ये गहरे गड्ढे किसी बड़े खतरे से कम नहीं हैं। गड्ढों से बचने की जद्दोजहद में वाहन आए दिन अनियंत्रित हो जाते हैं, जिससे हर समय हादसे की आशंका बनी रहती है।
अधिशासी अभियंता सोनू त्यागी रुड़की से बातचीत की गई, तो उन्होंने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आ चुका है। उन्होंने कहा कि पूरे प्रकरण की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और गुणवत्ता में कमी तथा लापरवाही पाए जाने पर संबंधित ठेकेदार के खिलाफ उचित और सख्त कार्रवाई की जाएगी।
