हरिद्वार: गुरुवार को कुंभ मेला 2027 के भव्य और सुरक्षित आयोजन को लेकर हरिद्वार में प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और सुगम आवाजाही को प्राथमिकता देते हुए मेला प्रशासन समय रहते व्यवस्थाओं को चाक-चौबंद करने में जुट गया है। इसी सिलसिले में मेलाधिकारी श्रीमती सोनिका ने गुरुवार को प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों की पूरी टीम के साथ मेला क्षेत्र के विभिन्न संवेदनशील और प्रमुख स्थलों का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया।निरीक्षण दल में जिलाधिकारी श्री मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्री नवनीत सिंह भुल्लर, अपर मेलाधिकारी श्री दयानंद सरस्वती सहित निर्माण एजेंसियों और संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहे। निरीक्षण के दौरान बारिश के बावजूद अधिकारियों की सक्रियता बनी रही। मेलाधिकारी खुद स्थल पर अपने लैपटॉप के जरिए डिजिटल प्रारूप में योजनाओं, समीक्षा बिंदुओं और जरूरी सुधारों को दर्ज करती नजर आईं।अधिकारियों की टीम ने सबसे पहले कांगड़ा पुल और संजय पुल के संगम के समीप पंतद्वीप वाले क्षेत्र का मुआयना किया। कुंभ के दौरान अत्यधिक भीड़ के दबाव वाले इस क्षेत्र में सड़कों और प्लेटफॉर्म की स्थिति की गहन पड़ताल की गई। निरीक्षण के दौरान क्षेत्र में लंबे समय से पड़े अनुपयोगी और क्षतिग्रस्त पोल, खंभों व पेड़ों पर लटकते तार, रस्सियों और अन्य अनावश्यक सामग्रियों को तत्काल हटाने के आदेश दिए गए। इसके साथ ही घाटों को सुव्यवस्थित रखने, सफाई व्यवस्था दुरुस्त करने और पुलों व घाटों के सौंदर्यीकरण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए।इसके बाद अधिकारियों ने रोड़ी-बेलवाला क्षेत्र में बन रहे प्रशासनिक मार्ग के निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लिया। साथ ही, यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए चंडी पुल पर निर्माणाधीन डबल लेन अंडरपास की स्थिति की भी समीक्षा की गई। कुंभ के दौरान यातायात के दबाव को देखते हुए निर्माण एजेंसियों को यह कार्य तय सीमा के भीतर पूरा करने के सख्त निर्देश जारी किए गए।यातायात और पैदल आवाजाही के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण चंडी चौक से वाल्मीकि चौक मार्ग पर जारी सड़क चौड़ीकरण और सुधार कार्यों की भी समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य में तेजी लाते हुए ऐसे इंतजाम सुनिश्चित किए जाएं, जिससे पैदल चलने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी तरह की असुविधा न हो और वाहनों की आवाजाही भी निर्बाध चलती रहे।निरीक्षण के दौरान उप मेलाधिकारी श्री मनजीत सिंह, पीआईयू के अधिशासी अभियंता श्री प्रवीण कुश, यूपीडीसीसी के परियोजना प्रबंधक श्री आशीष भट्ट समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे। मेला प्रशासन का कहना है कि लगातार निरीक्षण और जमीनी समीक्षा के माध्यम से सभी समस्याओं का मौके पर ही समाधान निकाला जा रहा है, ताकि कुंभ-2027 के दौरान देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण मिल सके।
हरिद्वार महाकुंभ 2027 सुगम रफ़्तार के लिए अफ़सरान की सरगर्मी, बारिश में भी मुस्तैद नज़र आए
