सुमननगर: टिहरी विस्थापित कॉलोनी में पिछले 20 वर्षों से आयोजित हो रही रामलीला में शुक्रवार को हिंदू-मुस्लिम एकता और सामाजिक सद्भाव का संदेश दिया गया। रामलीला मंचन में बतौर मुख्य अतिथि पहुंचे पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष राव अफाक अली और कांग्रेस के भावी प्रत्याशी मनोज धनगर ने संयुक्त रूप से फीता काटकर कार्यक्रम का उद्घाटन किया।इस अवसर पर राव अफाक अली ने कहा कि भगवान श्रीराम केवल हिंदुओं के आराध्य ही नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति में आदर्श और मर्यादा के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि श्रीराम को मानने वालों को उनके आदर्शों और चरित्र को अपने जीवन में उतारना चाहिए। केवल नारे लगाने से कोई श्रीराम का सच्चा अनुयायी नहीं बन सकता।मनोज धनगर ने कहा कि रामलीला भारतीय संस्कृति और मर्यादा पुरुषोत्तम श्रीराम के आदर्शों को समाज तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। ऐसे आयोजनों से नई पीढ़ी को धर्म, संस्कार, त्याग और मर्यादा का संदेश मिलता है।रामलीला के मंचन के दौरान सूर्पणखा प्रसंग का भावपूर्ण मंचन किया गया। सूर्पणखा द्वारा श्रीराम और लक्ष्मण से विवाह का प्रस्ताव रखने तथा सीता माता पर हमला करने के बाद लक्ष्मण द्वारा उसकी नाक काटे जाने का प्रसंग दर्शाया गया। इसके बाद सूर्पणखा रावण के दरबार में पहुंची और श्रीराम व लक्ष्मण से अपमान का बदला लेने के लिए रावण को उकसाया। इस प्रसंग के माध्यम से आगे की रामायण कथा की घटनाओं को मंच पर प्रस्तुत किया गया।राव अफाक अली ने कहा कि भारत में ‘वसुधैव कुटुम्बकम्’ की परंपरा रही है, जिसमें पूरे विश्व को एक परिवार माना गया है। उन्होंने कहा कि पिछले करीब 20 वर्षों से वह सुमननगर की रामलीला में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होते आ रहे हैं। सुमननगर के लोगों को अपना परिवार बताते हुए उन्होंने कहा कि यहां के लोगों के सुख-दुख में वह आगे भी लगातार शामिल होते रहेंगे। उन्होंने कहा कि स्थानीय लोग भी उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानते हैं और यही सामाजिक सौहार्द की सबसे बड़ी मिसाल है।रामलीला समिति के अध्यक्ष मस्तराम जोशी, महेश कुमार, विकास गोस्वामी, विनय जोशी, दीपक स्वरूप, मदन लाल, नरेश भट्ट, परिवेश पवार, देव सिंह, अजय पवार भंडारी, देवेंद्र, निर्देशक दिनेश लाल, सर्वरक्षक मोहन सिंह रावत और मंच संचालक मनीष रावत समेत समिति के सदस्यों ने मुख्य अतिथियों का माला पहनाकर स्वागत किया।कार्यक्रम में पवन पाल, परवीन धनगर, साहिल कुरैशी, चांद कुरैशी और आबिद गुर्जर सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजन के दौरान आपसी भाईचारे और हिंदू-मुस्लिम एकता का संदेश दिया गया।
श्रीराम के आदर्शों पर चलना ही सच्ची भक्ति: राव अफाक अली व मनोज धनगर
